MP के दो टीआई समेत 100 पुलिसकर्मियों पर FIR

करोड़ों की ड्रग्स बरामदगी का दावा पड़ा उल्टा, MP के दो टीआई समेत 100 पुलिसकर्मियों पर FIR, कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ मामला

मध्य प्रदेश और राजस्थान में सनसनी फैलाने वाले एक मामले में आगर मालवा पुलिस के दो तत्कालीन थाना प्रभारियों समेत करीब 90 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला मध्य प्रदेश और राजस्थान में संभवतः इस प्रकार का पहला मामला है, जो दोनों राज्यों में चर्चा का विषय बना हुआ है।


क्या है पूरा मामला .....

आगर मालवा कोतवाली पुलिस ने राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र स्थित घाटाखेड़ी गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स, ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाले केमिकल और मशीनरी बरामद करने का दावा किया था।  पुलिस ने इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया था।  उस समय इस कार्रवाई को प्रदेश की बड़ी एनडीपीएस कार्रवाइयों में शामिल बताया गया था और पुलिस ने इसे बड़ी सफलता के रूप में प्रचारित किया था।  लेकिन गिरफ्तार किए गए आरोपियों के परिजन और घाटाखेड़ी निवासी 75 वर्षीय हमीद खान ने पुलिस कार्रवाई को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए चौमहला न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। परिवाद में आरोप लगाया गया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया और करीब 100 पुलिसकर्मी गांव पहुंचकर परिजनों को अपने साथ ले गए।  शिकायतकर्ता ने पूरी कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चौमहला न्यायालय ने जांच के निर्देश दिए।  न्यायालय के आदेश पर झालावाड़ के पुलिस उप-अधीक्षक स्तर से मामले की जांच कराई गई।  जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत होने के बाद अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों का परीक्षण किया और प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध होना पाया. इसके बाद न्यायालय ने संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए। 


राजस्थान के डग थाने में केस दर्ज.....

न्यायालय के आदेश के पालन में राजस्थान के डग थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 115(2), 131, 201 और 329(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।  एफआईआर में दो तत्कालीन थाना प्रभारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर धमकाने, अनुचित कार्रवाई करने, पद का दुरुपयोग करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। 



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