पं.अरविंद सहारिया....हिंदू पंचांग अनुसार महा शिवरात्रि का पावन पर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है, ये भगवान भोलेनाथ की अराधना का सबसे बड़ा दिन होता है, चलिए आपको बताते हैं इस साल महाशिवरात्रि कब है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.....
महाशिवरात्रि की तारीख को लेकर काफी कन्फ्यूजन बना हुआ है। कोई 15 फरवरी तो कोई 16 फरवरी को शिवरात्रि पर्व मनाए जाने की बात कह रहा है। ये कन्फ्यूजन इसलिए हो रहा है क्योंकि अधिकतर पर्व उदया तिथि के हिसाब से ही मनाए जाते हैं। लेकिन आपको बता दें महा शिवरात्रि पर्व पर ये बात लागू नहीं होती क्योंकि इस पर्व में रात्रि की पूजा का महत्व होता है। ऐसे में जिस दिन शिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि रात के समय मौजूद होती है उसी दिन शिवरात्रि पर्व मनाना ज्यादा उचित माना जाता है। चलिए जानते हैं इस हिसाब से 15 या 16 फरवरी किस दिन मनाई जाएगी महाशिवरात्रि।
महाशिवरात्रि 2026 तारीख....
पंचांग अनुसार महा शिवरात्रि की पावन तिथि 15 फरवरी 2026 की शाम 05:04 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी 2026 की शाम 05:34 बजे तक रहेगी। चूंकि 15 फरवरी 2026 की रात में चतुर्दशी तिथि मौजूद रहेगी इसलिए महा शिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा।
महाशिवरात्रि 2026 पूजा मुहूर्त .....
महाशिवरात्रि की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 15 फरवरी 2026 की देर रात 12 बजकर 9 मिनट से रात 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। ये निशिता काल है जो शिवरात्रि पूजन के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा कई लोग रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजा करते है इसलिए आगे हम आपको बताएंगे चार प्रहर की पूजा का सही समय।
महाशिवरात्रि 2026 चार प्रहर पूजा मुहूर्त....
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय 06:11 पी एम से 09:23 पी एम
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय 09:23 पी एम से 12:35 ए एम, फरवरी 16
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय 12:35 ए एम से 03:47 ए एम, फरवरी 16
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय 03:47 ए एम से 06:59 ए एम, फरवरी 16
महाशिवरात्रि व्रत कब से कब तक रखा जाएगा.....
महा शिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी 2026 को रखा जाएगा। व्रत का आरंभ 15 फरवरी के सूर्योदय के साथ होगा और समापन अगले दिन यानी 16 फरवरी 2026 के सूर्योदय के बाद होगा। शिवरात्रि व्रत पारण का समय 16 फरवरी की सुबह 06:59 से दोपहर 03:24 बजे तक रहेगा।
महाशिवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट.....
बेलपत्र, अक्षत, गाय का दूध, पान के पत्ते, सुपारी, जनेऊ, चावल, शक्कर, सफेद बूरा, शहद, इलाइची, लौंग, गंगाजल, मदार के फूल, धतूरा, भांग, सफेद फूल, पांच प्रकार के मौसमी फल, फूल, माला, शमी के पत्ते, केसर, इत्र, सफेद चंदन, गन्ने का रस, मिठाई या चूरमा का भोग।
महाशिवरात्रि पूजा विधि.....
व्रती को महाशिवरात्रि के दिन सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर लेना चाहिए। इसके बाद, साफ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
अपने घर के मंदिर में एक चौकी पर लाल या पीले रंग का साफ वस्त्र बिछाएं। इसके पश्चात, उस पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
अपने चारों ओर गंगाजल का छिड़काव करें। फिर, शिवजी और माता पार्वती को वस्त्र अर्पित करें।
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का अभिषेक जरूर करना चाहिए। इसके बाद, विधि विधान से शिवजी और मां पार्वती की पूजा अर्चना करें।
भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, आक के पत्ते आदि जरूर अर्पित करना चाहिए। साथ ही, पूरे शिव परिवार को भी वस्त्र अर्पित करें।
सुहागिन महिलाओं को शिवरात्रि के दिन श्रृंगार का सामान माता पार्वती को अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि पर सुबह और शाम दो समय शिव परिवार की पूजा करने चाहिए। साथ ही, मन में सुख समृद्धि के कामना करें।

