आशीष रावत.....मध्यप्रदेश में बदल सकता है सत्ता का समीकरण, लोकसभा सीटें 29 से बढ़कर 43 होने की संभावना,विधानसभा की सीटें भी बढ़ेंगी .....
मध्य प्रदेश के चुनावी परिदृश्य में एक ऐसा बड़ा बदलाव आने वाला है, जो अगले कई दशकों की राजनीति को नई दिशा देगा। 16 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में प्रस्तावित 33% महिला आरक्षण और परिसीमन बिल (131वां संविधान संशोधन) पेश होने जा रहा है। इस मास्टर प्लान के लागू होने से मध्य प्रदेश में न केवल महिला प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि विधानसभा और लोकसभा सीटों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी होगी।
महिला नेतृत्व तैयार करेगी भाजपा-कांग्रेस ......
कांग्रेस नारी शक्ति वंदन अधिनियम की रोशनी में अब भाजपा और कांग्रेस मध्य प्रदेश में नया महिला नेतृत्व तैयार करेगी। कांग्रेस में इसकी जिम्मेदारी महिला कांग्रेस को सौंपी जा रही है। 17 अप्रैल को प्रदेश इकाई की बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें संगठन के विस्तार के साथ नया नेतृत्व तैयार करने पर चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने नया महिला नेतृत्व तैयार करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। प्रदेश इकाई का अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया को बनाकर इसके संकेत भी दिए जा चुके हैं । उधर, भाजपा भी इसकी तैयारियों में जुटी है। महिला मोर्चा में नए चेहरों को स्थान दिया ही गया है।
महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू होगा....
वर्तमान में मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 6 महिला सांसद हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी होने के बाद 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, यानी लगभग 14 सीटें महिला प्रतिनिधियों के लिए तय होंगी।
विधानसभा सीटों में भी बढ़ोतरी संभव.....यदि परिसीमन का यही फॉर्मूला विधानसभा पर भी लागू होता है तो 230 सदस्यीय विधानसभा बढ़कर लगभग 345 सदस्यों की हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर की जाएगी क्योंकि वर्तमान जनगणना अभी पूरी नहीं हुई है।
परिसीमन से बढ़ेंगी सीटें.....
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव के अनुसार राज्यों में लोकसभा सीटों में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। इसी आधार पर मध्यप्रदेश की सीटें 29 से बढ़कर 43 हो जाएंगी। इनमें सभी नई सीटों पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जाएगा। अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षित सीटों में भी महिला कोटा लागू रहेगा।



