डिप्टी पुलिस अधीक्षक की वर्दी पहनकर खुद को DSP दिखाना और आपने साथ वर्दी में दो युवकों को आरक्षक बनाकर, सरकारी गाड़ी की तरह बुलेरो गाड़ी से चलने वाले फर्जी पुलिस अधिकारी का भंडाफोड़ किया गया है। सागर के शाहगढ़ थाना पुलिस ने फर्जी डीएसपी सहित तीन को नकली वर्दी सहित गिरफ्तार किया है। ये लोग पढ़े-लिखे युवाओं को पुलिस में नौकरी का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाते थे।
जानकारी अनुसार पकड़े गए आरोपियों में मुख्य सरगना शिवम चतुर्वेदी है, जो खुद को पुलिस उप अधीक्षक (DSP) बताकर लोगों पर रौब झाड़ता था। गिरोह की खास बात यह थी कि ये लोग पूरी तरह पुलिसिया अंदाज में चलते थे। इनके साथ जबलपुर जिले के बरही निवासी राजकुमार ठाकुर और सतीश सिंह ठाकुर फर्जी आरक्षक बनकर सुरक्षा घेरा तैयार करते थे। पुलिस ने इनके पास से एक बोलेरो गाड़ी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल ये ठगी की वारदातों के लिए करते थे।
जबलपुर से सागर तक ठगी का जाल...
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार यह गिरोह विशेष रूप से उन युवाओं को निशाना बनाता था जो पुलिस या सरकारी नौकरी की तलाश में थे। जबलपुर के बरही निवासी दोनों फर्जी आरक्षक लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि 'साहब' की ऊपर तक पहुंच है और वे पैसे लेकर सीधे भर्ती करा सकते हैं। सागर के शाहगढ़ इलाके में जब इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, तो पुलिस ने जाल बिछाकर इन्हें वर्दी सहित रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
