आशीष रावत.....ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब सीधे तौर पर दिखाई देने लगा है । इसका प्रभाव आम लोगों के जनजीवन पर भी पड़ता नजर आ रहा है । सबसे ज्यादा असर इन दिनों शादियों पर पड़ रहा है । बताया जा रहा है कि होने वाली शादियों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी हो गई है। इसके चलते कैटरर्स को लकड़ी की भट्टी और डीजल की भट्टी पर खाना बनाना पड़ रहा है। कई कैटरर्स ने नई बुकिंग लेने से भी इनकार कर दिया है और कुछ जगह ऑर्डर रद्द करने की स्थिति बन रही है। ऐसे में इस महीने होने वाली शादियों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है । लकड़ी की भट्टी पर मुख्य भोजन तो किसी तरह बन सकता है, लेकिन कई अन्य व्यंजन बनाना मुश्किल हो जाएगा ।
कई बड़े कैटरर्स ने 15 मार्च तक की शादियों के ऑर्डर तो स्वीकार किए हैं, लेकिन उनमें लकड़ी और डीजल की भट्टी का उपयोग किया जा रहा है । वहीं अप्रैल में पड़ने वाले चार बड़े विवाह मुहूर्तों को लेकर कैटरर्स ने असमंजस जताया है । उनका कहना है कि डीजल की भट्टी का ज्यादा उपयोग करना सुरक्षित नहीं है। एक बड़ी शादी में करीब 20 से 3 0 सिलेंडर, जबकि छोटी शादियों में 15 से 20 सिलेंडर तक की जरूरत पड़ती है ।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत, छोटे व्यापारियों पर संकट; बंद हो सकती हैं चाय-नाश्ते की दुकानें.....
कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत का असर अब बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। सिलेंडर नहीं मिलने से छोटे व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर चाय, समोसा और अन्य नाश्ते की दुकानों पर इसका सीधा असर पड़ा है। दुकानदारों का कहना है कि उनके पास केवल एक-दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा है। अगर जल्द सिलेंडर की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो मजबूरन दुकानें बंद करनी पड़ सकती हैं। वहीं ग्राहकों का कहना है कि अगर दुकानें बंद हुईं तो उन्हें अपने मनपसंद नाश्ते से वंचित रहना पड़ेगा । व्यापारियों ने जल्द आपूर्ति शुरू करने की मांग की है।

