इंदौर शेयर बाजार मे निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा .....
इंदौर शहर में भोले-भाले निवेशकों को शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। शहर में संचालित एक आई टी कंपनी की आड़ में एडवाइजरी कंपनी संचालित की जा रही थी। इस मामले में थाना तुकोगंज पुलिस ने तीन थानों के बल के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई करते हुए अभय प्रशाल के सामने संचालित इंफिनिक्स इन्फोटेक कंपनी के कार्यालय पर छापा मारकर बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है।
अचानक हुई दबिश से ऑफिस में हड़कंप मच गया था। कार्रवाई में पुलिस टीम ने मौके से 23 CPU, 14 लैपटॉप, DVR, मॉनिटर, 66 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड, चेकबुक और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा था। मामले में कंपनी के संचालक मनीष पांडे सहित अनिमेष चौहान, संदीप त्यागी, अनुराग सैंडलानी और नेहा जैन के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता नितिश भगत के मुताबिक आरोपियों ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर पहले छोटे मुनाफे का लालच दिया, फिर टर्मिनल खरीदने और बड़े रिटर्न के नाम पर करीब 4.80 लाख रुपये की ठगी कर ली। इसी गिरोह ने अन्य राज्यों के लोगों को भी निशाना बनाया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और संभावना है कि ठगी का यह आंकड़ा करोड़ों तक पहुंच सकता है।
निवेश का झांसा देकर की लाखों की ठगी.....
मामले का खुलासा फरियादी नितिश भगत (निवासी देपालपुर) की शिकायत से हुआ। उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 में उन्हें कंपनी की ओर से कॉल आया, जिसमें शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। पहले उन्हें छोटी रकम निवेश कर “डेमो प्रॉफिट” दिखाया गया, जिससे उनका भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद अलग-अलग बहानों से उनसे लगातार पैसे जमा कराए गए। टर्मिनल फीस, अकाउंट एक्टिवेशन और निवेश के नाम पर पैसे जमा कराए गए। आरोप है कि कंपनी ने उनसे करीब 4.80 लाख रुपये की ठगी की। इसी तरह अन्य राज्यों के लोगों को भी निशाना बनाया गया, जिनमें आंध्रप्रदेश के एक व्यक्ति से भी लाखों रुपये ठगे गए।
फर्जी टर्मिनल और नकली मुनाफे का खेल.....
आरोपियों ने निवेशकों को झांसा देने के लिए फर्जी सॉफ्टवेयर और टर्मिनल का इस्तेमाल किया। स्क्रीन पर मुनाफा दिखाकर लोगों को और पैसा लगाने के लिए उकसाया जाता था, लेकिन जब पैसे निकालने की बारी आती, तो बहाने बनाकर टाल दिया जाता था।
पुलिस की सख्त कार्रवाई, जांच जारी.....पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शहर में चल रहे ऐसे ठगी रैकेट्स के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत तुकोगंज पुलिस ने यह कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ है और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।
