आशीष रावत....श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान और भक्ति का एक अद्भुत संगम है, जिसके आयोजन में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ यह दर्शाती है कि सनातन धर्म और संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है। कथा पंडालों में गूंजते भजनों और कथावाचकों के ओजस्वी प्रवचनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है.......
पिपरिया महाकाली मंदिर समिति एवं श्री हनुमान व्यायाम शाला समिति के तत्वावधान में रेलवे गेट ग्राउंड पर आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 17 मई से प्रारंभ हुई कथा का आयोजन 23 मई तक चलेगा। कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। कथा के दौरान व्यास गादी से पंडित अनिल मिश्रा ने समुद्र मंथन प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए देवताओं और असुरों के बीच हुए मंथन की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि समुद्र मंथन से अमृत सहित अनेक दिव्य रत्नों की उत्पत्ति हुई, जो मानव जीवन में सत्कर्म और धैर्य का संदेश देती है।
इसके साथ ही पंडित मिश्रा ने भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया । कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए तथा भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा पांडाल गूंज उठा । कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं। कथा के दौरान व्यासपीठ से दिए जा रहे ज्ञानवर्धक प्रवचनों और संगीतमयी भजनों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं । आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं भी की गई हैं ।

